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Early Morning Good Thoughts For Happy Days - Subah Ke Chhah Sankalp - Positive Thoughts

 "अमृतवेले" या आंख खुलते ही तुरन्त अपने को यह स्मृति दिलाये



1. मैं आत्मा पदमा पदम सौभाग्यशाली हू।

2. स्वयं भगवान मेरा है ।

3. सारे संसार मे मेरे जैसा भाग्यवान और कोई नही है ।

4. मैं सर्व श्रेष्ठ ब्राह्मणकुल भूषण हु ।

5. स्वयं भगवान ने मुजे एडॉप्ट किया है ।

6. मैं इस संसार मे सबसे खुश नशीब आत्मा हू ।

7. मैं बाबा के गले का हार हू ।

8. मैं बाबा का दिलरुबा बच्चा हू ।

9. स्वयं भगवान ने मुजे पसन्द किया है ।

10. जो भगवान का है वह मेरा है । मेरा उनपर अधिकार है ।

11. मैं स्वयं भगवान के नयनो का नूर हू।

12. मैं इस जहाँ को रोशनी देने वाला लाईट हाउस हू ।

13. स्वयं भगवान की मुझे डाइरेक्ट पालना मिल रही है ।

14. मैं राजेश्वर अश्वमेघ अविनाशी रुद्र यज्ञ से उत्तपन्न हुई द्रौपदी हू ।

15. मैं ही शिव की सच्ची-सच्ची पार्वती हू।

16. मैं आत्मा स्वयं भगवान की छत्रछाया के नीचे हू।

17. 2500 साल तक मैने देवी देवता का पार्ट प्ले किया ।

18. मंदिरों मे जिनकी पूजा होती है वह मैं हू ।

19. स्वयं भगवान के साथ हर कल्प मे साकार मे मिलन मनाया है ।

20. मैं बाबा का Right Hand हू ।


🔆आप ऐसे ऐसे अपने को याद दिलाये ,अपनी ऐसी बातों को स्मृति मे लाकर बिल्कुल नशे मे आ जाये।अमृतवेले का पूरा सुख ले । अमृतवेला पावरफुल है तो सब कुछ पावरफुल है ।

Subah Subah Ke Chhah Sankalp



Parivar Ko De Aache Vibration

 परिवार के सभी सदस्यों को अच्छे वाइब्रेशन दे, दिल से दुआएं दे।👑

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्य परमात्मा के बच्चे है।

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्य शांत स्वरूप आत्माएं है।

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्य शक्तिशाली बहुत सुखी आत्माएं है।

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्य भाग्यशाली आत्माएं है।

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्यों के साथ आज से सब कुछ अच्छा होगा।

🌸मेरे परिवार में सब निरोग स्वस्थ आत्माएं है।

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्य सदा खुशियों से भरपूर है।

🌸मेरे परिवार परमात्मा दुआओं की छत्रछाया के नीचे सुरक्षित है।

🌸मेरे परिवार के सभी सदस्य दैविगुणो से भरपूर देव आत्माएं है।

🌸मेरा घर स्वर्ग बन चुका है।


याद रखे यह परिवार परमात्मा का बनाया हुआ गार्डन है, हम माली बन कर अच्छे संकल्पों से पानी डालते दे रहे, यह परिवार में जो जैसे भी है प्यार से स्वीकार कर ले और सबको निस्वार्थ प्यार, खुशियां और शुभ भावना देते रहे, आपकी दुआओं से आपका परिवार सदा सुखी स्वर्ग बन जायेगा। आपके अच्छे वाइब्रेशन से कोई विघ्न आने वाला होगा वह भी रुक जायेगा और सभी सदस्य को आंतरिक शक्ति मिलेगी। यह संकल्प ब्रह्मांड में परमात्मा के पास पहुंच जाता है और वही आपके पास लौट कर वापस आता है।

अच्छा ॐ शांति

Sab kuch Aapke Ander Hi Hain - Ek Kahani

 सब कुछ आपके अंदर ही है।



एक आदमी बहुत बड़े संत-महात्मा के पास गया और बोला, ‘हे मुनिवर! मैं राह भटक गया हूँ, कृपया मुझे बताएँ कि सच्चाई, ईमानदारी, पवित्रता कैसे मिलेगी ?

संत ने एक नज़र आदमी को देखा, फिर कहा, "अभी मेरा साधना करने का समय हो गया है। सामने उस तालाब में एक मछली है, उसी से तुम यह सवाल पूछो, वह तुम्हारे प्रश्न का उत्तर दे देगी।"

वह आदमी तालाब के पास गया। वहाँ उसे वह मछली दिखाई दी, मछली आराम कर रही थी। जैसे ही मछली ने अपनी आँख खोली तो उस आदमी ने अपना सवाल पूछा।

मछली बोली, "मैं तुम्हारे सवाल का जवाब अवश्य दूँगी किन्तु मैं सोकर उठी हूँ, इसलिए मुझे प्यास लगी है। कृपया पीने के लिए एक लौटा जल लेकर आओ।"

वह आदमी बोला, "कमाल है! तुम तो जल में ही रहती हो फिर भी प्यासी हो?’

मछली ने कहा, "तुमने सही कहा। यही तुम्हारे सवाल का जवाब भी है। *सच्चाई, ईमानदारी, पवित्रता तुम्हारे अंदर ही है। तुम उसे यहाँ-वहाँ खोजते फिरोगे तो वह सब नही मिलेगी, अतः स्वयं को पहचानो।

उस आदमी को अपने सवाल का जवाब मिल गया|

कथा-सार

सुख-शांति, ईमानदारी, पवित्रता व सच्चाई इत्यादि की खोज में मानव कहाँ-कहाँ नही भटकता...क्या..क्या जतन नही करता, फिर भी उसे निराशा ही हाथ लगती है| वह नही जानता, जिसकी खोज में वह भटक रहा है, वह तो उसके भीतर ही मौजूद है| उसकी स्थिति
‘पानी में रहकर मीन प्यासी’, 
"कस्तूरी कुंडल बसै मृग ढूंढे वन माहि" 
जैसी हो जाती है|
          Om shanti 🙏🏻

Aatma Aur Sharir Ke 50+ Sambandh

 आत्मा और शरीर के 50+ सम्बन्ध



50+ Differences between Body and Soul

आत्म अभिमानी (SOUL conscious) बनने के लिए आत्मा और शरीर का सम्बन्ध (वा अन्तर) अच्छे से समझना बहुत आवश्यक है… तो आज 52 पॉइन्ट्‍स आत्मा और शरीर के अन्तर पर देखते हैं!


आत्मा और शरीर का मुख्य अन्तर


मैं आत्मा हूँ, यह मेरा शरीर है !

मैं आत्मा रूहानी हूँ, शरीर जिस्मानी है ! 

मैं  एक हूँ, शरीर अनेक लिए हैं !

मैं ऊपर से आई हूँ, शरीर यहाँ बना है !

मैं सूक्ष्म हूँ, शरीर स्थूल है !

मैं चैतन्य हूँ, शरीर जड़ है !

मैं निराकार हूँ, शरीर साकार है !

मैं बिन्दी हूँ, शरीर बड़ा है !

मैं हल्की हूँ, शरीर का वज़न है !

मैं ऊर्जा हूँ, शरीर 5 तत्वों से बना है !

मैं शक्ति (पुरुष) हूँ, शरीर प्रकृति है !

मैं अजर हूँ, शरीर बूढ़ा होता है!

मैं अमर हूँ, शरीर की मृत्यु होती है !

मैं अविनाशी हूँ, शरीर विनाशी है ! 

मैं शाश्वत (Permanent) हूँ, शरीर Temporary है !


*शरीर है निवास स्थान*


मैं मकान मालिक हूँ… शरीर मकान है! 

मैं मूर्ति हूँ… शरीर मन्दिर है !

मैं लाइट हूँ, शरीर House है (अर्थात साथ में Light House) 

मैं मेहमान हूँ, शरीर Temporary Address है !

मैं Actor हूँ, शरीर Costume (चोला) है !

मैं Showpiece हूँ, शरीर Showcase है !

मैं हीरा हूँ, शरीर डिब्बी है !

मैं अमूल्य हूँ, शरीर का फिर भी मूल्य है ! 

मैं फूल हूँ, शरीर गमला है ! 

मैं गुणवान हूँ, शरीर जैसे कि निर्गुण है !

मैं ज्योति हूँ, शरीर मिट्टी का दीपक है !

मैं पंछी हूँ, शरीर घोसला है !


शरीर है वाहन और instrument (यंत्र)


मैं driver हूँ, शरीर car है !

मैं सारथी (वा रथी) हूँ, शरीर रथ है !

मैं करावनहार हूँ, शरीर करनहार है ! 

मैं राजा हूँ, कर्मेन्द्रीयां मन्त्री है !

मैं सेठ हूँ, कर्मेन्द्रीयां कर्मचारी है! 

मैं मालिक हूँ, कर्मेन्द्रीयां नौकर-चाकर है! 

मैं user हूँ, शरीर साधन (मोबाइल आदि) है,!

मैं programmer हूँ, शरीर computer है! 

मैं operator हूँ, शरीर robot है !

मैं बिजली हूँ, शरीर यंत्र है! 

मैं दृशता हूँ, आँखें खिड़की है ! 

मैं speaker हूँ, मुख mic हैं ! 

मैं सुनने वाला हूँ, कान sound-receiver हैं ! 


और पॉइंट्स


मैं आत्मा rocket हूँ |

मैं स्टार (सितारा) हूँ ! 

मैं तिलक-स्वरूप हूँ


***शरीर से ममत्व मिटाने लिए*,*


शरीर पुरानी जुत्ती है !

 शरीर मिट्टी है ! 

शरीर सर्प है, !

मैं उसके सिर पर मणि हूँ !


शरीर दूम्ब है शरीर मुर्दा है शरीर पुराना, विकारी, तमोप्रधान, जड़जड़ीभूत है !


**इस लिस्ट से प्राप्ति****


इन सभी पॉइन्ट्‍स को एक के बाद एक दोहराने से… बहुत अच्छी आत्म-अभिमानी स्थिति बनती है!सारा दिन नैचुरल देही-अभिमानी स्थिति रहतीं हैं ! सेकंड में अशरीरी बन सकते हैं ! देह-भान से बचे रहते हैं ! पुरुषार्थ मैं नवीनता मिलती है


@@##*सार*@@##


तो चलिए आज सारा दिन… इन सभी points को स्मृति में रख नैचुरल आत्म-अभिमानी स्थिति (अर्थात शान्ति, प्रेम और आनन्द के निरन्तर अनुभव!) में स्थित रहे… जिससे हमारा बाबा से कनेक्शन भी मजबूत रहेगा, और हम सबके साथ इन गुणों का अनुभव बांटते रहेंगे… जिससे सहज ही यह संसार स्वर्ग बन जाएगा… 


          **ओम् शान्ति***

भगवान का वायदा! - Bhagwan Ka Wada

 भगवान का वायदा! 



01) चिंता मत करो, मैं सर्व शक्तिमान हूँ, मैं असम्भव को सम्भव बना सकता हूँ | 


02) मेरी नज़र तुम पर गयी, मैं समझता हूँ, तुम्हारे सारे दर्द संघर्ष सब कुछ ठीक हो जायेगा | 


03) किसी भी बात के लिए, परिस्थितियों के कारण खुद को नीचे मत आने दो, क्योंकि परिस्थितियाँ तो थोड़े समय के लिए हैं, लेकिन मैं तो सदा के लिए तुम्हारे साथ हूँ | 


04) एक कदम हिम्मत का बढ़ाओ, मैं तुम्हारी तरफ हज़ार कदम बढ़ाऊंगा | 


05) जो कुछ भी होना था, हो चूका अब आगे बढ़ो मैं तुम्हे शक्ति दूंगा | 


06) तुम कोई भी बोझ लेकर मत चलना, सारे बोझ मुझे देकर तुम हल्के बन जाओ | 


07) हर बात मुझे सौंप निश्चिंत हो जाओ, जिसे तुम हल नहीं कर सकते, मैं सब ठीक कर दूंगा | 


09) रोज़ मुझ से शांति में बैठकर बातें करो, मैं तुम्हे सुनूंगा और तुम्हारी बातों का जवाब भी दूंगा | 


10) अपने सिर पर बोझा लेकर मत चलो, मैं तुम्हारे सारे बोझ संभालूंगा, तुम हल्के हो जाओ | 


11) अगर तुम्हे कोई नहीं समझता है, तो चिंता मत करो क्योंकि मैं तुम्हे समझता हूँ, तुम कभी भी अकेले नहीं हो | 


12) मैं सदा तुम्हारा साथी हूँ, तुम्हे कभी अकेला नहीं छोडूंगा, दूसरों के बारे में कभी नहीं सोचना | 


13) तुम्हारा जीवन आसान बनाने के लिए मैं हमेशा अपने आशीर्वाद तुम तक पहुंचाता रहता हूँ | 


14) कभी भी निराश मत होना, क्योंकि मैं तुम्हे हमेशा, दुसरो में आशा जगाते देखता हूँ | 


15) अपनी पुरानी गलतियों को लेकर शोक मत मनाओ! उन्हें ठीक करके तुम्हारा रास्ता साफ कर दूंगा, मुझ पर विश्वास करो | 


16) मैं खुद तुम्हें गाइड करूंगा और पार ले जाऊंगा, अतः विघ्नों से घबराना नहीं, वो तो सिर्फ रास्ते के पत्थर है, हमें सफलता की ओर ले जाने के लिए | 


17) तुम किसी भी बात का फ़िक्र नहीं करना! मैं सर्व शक्तिवान सदा तुम्हारे साथ हूँ!  तुम्हें जो असम्भव लगता है उसे भी मैं तुम्हारे लिए सम्भव कर दूंगा | 


18) तुम्हारा हर वो बोझ, हर वो फ़िक्र मुझे सौंप दो - जो तुम संभाल नहीं पा रहे हो! मैं सब संभाल लूंगा | 


19) मेरा सुरक्षा का हाथ सदा तुम पर है और तुम सुरक्षित रहोगे ही! इसलिए किसी बात का डर नहीं रखना | 


20) मेरी शक्ति सदा तुम्हारे साथ है ओर मैं तुम्हारे मार्ग को सहज, सरल, सफल कर दूंगा | 


21) तुम्हारा भविष्य बहुत ही सुंदर ओर उज्ज्वल है! मेरा हाथ पकङ कर साथ चलते रहना | 


22) कोई तुम्हारी अच्छाई की पहचाने व न पहचाने, मैं ज़रूर पहचानता हूँ! तुम धीरज रखो, तुम्हारी अच्छाई का फल जरूर मिलेगा | 


23) कोई कुछ भी कहे तुम्हारी ख़ुशी जाने न देना, कल की बातें दिल में नहीं रखना! क्योंकि मैं ही हूँ तुम्हारा भविष्य सुनहरा बनाने वाला | 


24) मैं तुम्हारा सदा का साथी हूँ, तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ूगा, इसलिए तुम दूसरों के बारे में सोचो ही नहीं | 




About Me - BK Ravi Kumar

I am an MCA, IT Professional & Blogger, Spiritualist, A Brahma Kumar at Brahmakumaris. I have been blogging here.